लौह अयस्क खदान मजदूर संघ का केंद्र सरकार को ज्ञापन, श्रमिक हितों को लेकर उठाई प्रमुख मांगें
अंतागढ़/चारगांव। लौह अयस्क खदान मजदूर संघ मेटा बोदेली, चारगांव द्वारा श्रमिकों के विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के नाम विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में श्रम कानूनों में संशोधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार तथा वेतन और पेंशन में वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गई हैं।
संघ द्वारा प्रेषित ज्ञापन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री के माध्यम से श्रमिकों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आधार पर यह मांगपत्र तैयार किया गया है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

- सभी श्रमिकों के लिए श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के समान रूप से लागू किया जाए।
- “इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020” एवं “ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020” में श्रमिक हितों से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किया जाए।
- त्रिपक्षीय श्रम तंत्र को सुदृढ़ करते हुए इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को शीघ्र आहूत किया जाए।
- EPS-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह महंगाई भत्ते सहित लागू की जाए।
- EPF में अनिवार्य अंशदान की वर्तमान वेतन सीमा 15000 रुपये से बढ़ाकर 30000 रुपये प्रतिमाह की जाए तथा ESIC कवरेज सीमा 21000 रुपये से बढ़ाकर 42000 रुपये प्रतिमाह की जाए।
- बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत पात्रता सीमा एवं कैलकुलेशन सीलिंग में वृद्धि की जाए।
- संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 एवं 21 की मूल भावना के अनुरूप ठेका एवं स्कीम वर्करों को स्थायी किया जाए।
- सामान्य भर्ती (General Recruitment) पर लगी रोक हटाई जाए तथा रोजगार में असुरक्षा समाप्त की जाए।
- निको जयसवाल लौह अयस्क खदान, मेटा बोदेली (तहसील अंतागढ़, जिला उत्तर बस्तर कांकेर) में कार्यरत सभी श्रमिकों को नियमित किया जाए।
संघ ने ज्ञापन में कहा है कि यदि उपरोक्त मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो श्रमिक हित में देशव्यापी आंदोलन की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। संघ पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि केंद्र सरकार श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित एवं त्वरित कार्रवाई करेगी।

