8 लाख का इनामी नक्सली दारसु शोरी मुख्यधारा में शामिल, AK-47 के साथ किया आत्मसमर्पण
कांकेर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों को एक बड़ी रणनीतिक सफलता हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 8 लाख रुपये के इनामी खूंखार नक्सली और PLGA कंपनी नंबर 5 के सक्रिय सदस्य दारसु शोरी ने 20 अप्रैल 2026 को AK-47 राइफल और अन्य हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर आमाबेड़ा पुलिस के सामने हुआ, जो मुख्यधारा में लौटने की शासन की नीति के तहत एक बड़ी सफलता है। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने पुष्टि की कि दारसु लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और अब वह हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुआ है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इस आत्मसमर्पण का स्वागत किया है और अन्य नक्सलियों से भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, दारसु शोरी पर सरकार की ओर से 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लंबे समय से प्रतिबंधित माओवादी गतिविधियों में लिप्त रहे शोरी का आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) की प्रभावशीलता को दर्शाता है। समर्पण के दौरान उसने स्पष्ट किया कि वह राज्य सरकार की नीतियों और विकास के कार्यों से प्रेरित होकर समाज की मुख्यधारा में वापस लौटा है।
माओवादी संगठन को बड़ा झटका
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि दारसु शोरी का आत्मसमर्पण बस्तर रेंज में सक्रिय माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना संगठन के भीतर बढ़ रहे असंतोष और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव का परिणाम मानी जा रही है। बस्तर संभाग में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों और ‘मुख्यधारा में वापसी’ के प्रयासों का सकारात्मक असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
पुलिस की अपील: हिंसा छोड़ें, विकास से जुड़ें
इस सफलता के बाद पुलिस प्रशासन का मनोबल काफी ऊंचा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस लगातार अन्य सक्रिय नक्सलियों से भी संपर्क साध रही है, ताकि उन्हें हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की राह पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में संगठन के अन्य सदस्य भी आत्मसमर्पण करेंगे, जिससे कांकेर और पूरे बस्तर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति और अधिक मजबूत होगी

