मुख्यमंत्री ने अंतागढ़ की जनता की नहीं सुनी ‘मन की बात’: अनूप नाग
पूर्व विधायक ने कहा- स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद क्षेत्र के विकास कार्यों पर नहीं हुई कोई घोषणा
अंतागढ़। पूर्व विधायक अनूप नाग ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंतागढ़ प्रवास को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के एक दिवसीय अंतागढ़ प्रवास के दौरान क्षेत्र की जनता की समस्याओं और मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। अनूप नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से क्षेत्रवासियों को बड़ी घोषणाओं की उम्मीद थी। उनके अनुसार, प्रवास से एक दिन पहले उन्होंने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनने के साथ अंतागढ़ की जनता के ‘मन की बात’ भी सुनने का आग्रह किया था। इसके बावजूद क्षेत्र की प्रमुख मांगों पर कोई घोषणा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लामकन्हार में पंचायत के मूलभूत कार्यों की स्वीकृति के लिए मांग रखने पर लाखों रुपए की घोषणा की गई, जो स्वागत योग्य है। लेकिन अंतागढ़ को जिला बनाने, फरलांग दूरी पर वन विद्यालय के निर्माण तथा नाहकसा जलाशय जैसे अन्य विकास कार्यों पर कोई घोषणा नहीं की गई। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगों में कोयलीबेड़ा में शासकीय महाविद्यालय, कोयलीबेड़ा में ग्रामीण बैंक, अंतागढ़ बाईपास सड़क, अंतागढ़ में सिविल अस्पताल, व्यवहार न्यायालय तथा नगर पंचायत अंतागढ़ में फायर ब्रिगेड जैसी मांगें शामिल हैं, लेकिन इन पर भी मुख्यमंत्री के समक्ष कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।
अनूप नाग ने कहा कि कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद और विधायक मौजूद थे, बावजूद इसके स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की घोषणा कराने का अवसर नहीं मिलना क्षेत्रवासियों के लिए निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान पत्रकार द्वारा अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला और घर-घर मुनगा लगाने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम हो रहे हैं। अब परलकोट क्षेत्र की महिलाओं द्वारा भी आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इसके बावजूद क्षेत्र की समस्याओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान नहीं जाना चिंता का विषय है। पूर्व विधायक ने सांसद और विधायक से क्षेत्र की लंबित मांगों को गंभीरता से मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की मांग की है।
