रावघाट परियोजना में बीएसपी प्रबंधन की वादाखिलाफी से नाराज़गी, खनन कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद
अंतागढ़/कांकेर। रावघाट खनन परियोजना में बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) प्रबंधन की कथित वादाखिलाफी को लेकर क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। श्रमिक संघ, विभिन्न जनसमितियों और परिवहन संघों ने एकजुट होकर खनन कार्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन कार्य शुरू करने से पहले आयोजित जनसुनवाई में बीएसपी प्रबंधन द्वारा कई महत्वपूर्ण वादे किए गए थे, जिनमें स्थानीय विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल था। हालांकि, अब इन वादों पर अमल नहीं हो रहा है। विशेष रूप से डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) मद में राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि “इको डेवलपमेंट” के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नजर नहीं आ रहा है। मामले को लेकर पूर्व में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग द्वारा भी भौतिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराज़गी और बढ़ गई है।

वहीं परिवहन संघ से जुड़े समिति के लोगों का कहना है कि बीएसपी ने उन्हें वादा किया था कि बेहतर भाड़ा मिलेगा और और आजीविका का श्रोत बनेगा , बीएसपी प्रबंधन के कहने पर उन्होंने जमीन और गहने गिरवी रखकर हाइवा फाइनेंस कराया पर अब बीएसपी ने जिस दर से ट्रांसपोर्टिंग का काम दिया है उससे उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है,ग्रामीणों का कहना है ऐसे में हमारे सामने आर पार की लड़ाई के अलावा कुछ नहीं बचा है, बीएसपी प्रबंधन पुराने दर से लौह परिवहन कराएगा या वो हमारे क्षेत्र से एक टुकड़ा लोहा का ले जा नहीं सकेगा ।
वर्तमान स्थिति में सभी स्थानीय संगठन और संघ एक मंच पर आ गए हैं और आंदोलन को तेज कर दिया है। खनन कार्य बंद होने से परियोजना पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि बीएसपी प्रबंधन कब तक अपने वादों को पूरा करता है और क्या क्षेत्र में खनन कार्य फिर से शुरू हो पाएगा। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

