जिला मुद्दे पर सत्ता धारी नेता मौन क्यों — बद्री गावड़े ,(जिला निर्माण समिति अध्यक्ष अंतागढ़
अंतागढ़ :– लंबे अन्तराल से क्षेत्र में हो रही मांग अंतागढ़ को जिले बनाने मुद्दे को लेकर सत्ता धारी नेता की चुप्पी से क्षेत्रीय लोगों में निराशा देखी जा रही है
वर्तमान विधायक व सांसद जो एक एक समय में अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए आंदोलन में संघर्ष करते दिखते थे वहीं अब सत्ता में पहुंचते इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुऐ है सत्ता रहे दो वर्ष बीत चुके है लेकिन बहुप्रतीक्षित मांग पर कोई सुगबुगाहट तक नहीं है जिससे क्षेत्र वासी हताश और निराश है पर उम्मीद अभी नहीं कायम है।

गावड़े का कहना है अंतागढ़ के समस्त क्षेत्रवासी विगत एक दशक से अधिक वर्षों से सर्व समाज सर्व दलीय जिला निर्माण समिति के तले अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग किया जा रहा है बता दे कि अंतागढ़ पूर्व में ब्रिटिशकालीन तहसील रहा है आज छ.ग. के सभी ब्रिटिशकालीन तहसीले जिला का दर्जा पा चुके है। परंतु अंतागढ़ आज तक जिला का दर्जा नहीं पा सका। विकास के दृष्टि अत्तागढ़ तहसील बहुत पिछडा हुआ है, जिला निर्माण से अंतागढ़ में विकास को गति मिल सकती है। अंतागढ़ तहसील के सुदूर अंचल से जिला मुख्यालय कांकेर की दूरी 150 कि.मी. से अधिक पड़ती है। अधिक दूरी की’ वजह से रावघाट क्षेत्र के 56 गांवो के लोग आन्दोलन कर कांकेर जिला से अलग होने की मांग कर रहे है, उन्होने रायपुर तक पदयात्रा भी की है, अंतागढ़ जिला बन जाने उनकी ये समस्या स्वतः समाप्त हो जायेगीं, अंतागढ़ जिला बन जाने आसपास के तहसीलों को अंतागढ़ तक आने के लिये 30 से 40 किमी की दूरी ही तय करनी पड़ेगी। वही राजस्व की दृष्टि से अंतागढ़ क्षेत्र में अपार खनिज सम्पदा एवं वन सम्पदा मौजुद है, जिसे जिला संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकता है। वही जिला निर्माण से यहां के लोगों को नौकरियां एवं रोजगार अवसर प्राप्त होगे जिससे अनेकों बेरोजगार युवकों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होगी लोगो को इलाज के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा अंतागढ़ अलग जिला बनने से क्षेत्र के लोगों को शासन प्रशासन को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिलेगा इसलिए क्षेत्र की जनता कई वर्षों से लगातार अंतागढ़ को जिला सहित मुख्यालय बनाने की मांग कर रही है जिले की मांग की लेकर कई बार धरना प्रदर्शन चक्काजाम तक किया गया जिसके परिणाम स्वरूप पिछले सरकार ने अंतागढ़ में अपर कलेक्टर और एडिशनल एसपी कि पदस्थापना की है लेकिन हमारी मांग अंतागढ़ को एक स्वतंत्र जिला बनाने की है जिसके हम आज भी संघर्षरत है और जल्द ही रुपरेखा तैयार कर कोयलीबेडा आमाबेड़ा और अंतागढ़ क्षेत्रवासी एक और आंदोलन की नींव रखी रखेंगे गावड़े ने आगे कहा कि कभी आंदोलन का हिस्सा रहे वर्तमान में सत्ताधारी विधायक और सांसद चुप्पी तोड़ अपने क्षेत्र को हक दिलाने की दिशा में आप अपना अमूल्य योगदान प्रदान करे और आगामी 4 अप्रैल को सीएम के अंतागढ़ दौरे के दौरान घोषणा कर अंतागढ़ क्षेत्र वासियों को सौगात दिलावे ।

