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अंतागढ़-नारायणपुर सड़क निर्माण: ठेकेदार की लापरवाही से परेशान ग्रामीणों किया चक्काजाम ,मलबे और धूल से खेती बर्बाद, सेहत खराब..

अंतागढ़: अंतागढ़ से नारायणपुर तक निर्माणाधीन 47 किलोमीटर सड़क के कार्य में ठेकेदार की भारी लापरवाही सामने आई है। सड़क निर्माण के दौरान उड़ती धूल और खेतों में डाले जा रहे मलबे से आक्रोशित कलगांव के ग्रामीणों ने आज चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा नियमों की अनदेखी से न केवल उनका जन-जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि उपजाऊ खेत भी बंजर हो रहे हैं।

धूल और मलबे से त्रस्त किसान
ग्रामीण नरेंद्र नाग ने बताया कि ठेकेदार न केवल सड़कों पर पानी का छिड़काव करने में कोताही बरत रहा है, बल्कि सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे और लोहे के फ्रेम को भी बिना सोचे-समझे सीधे किसानों के खेतों में फेंका जा रहा है। इससे खेती-किसानी का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मचारी रोजाना इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। ठेकेदार का मुंशी भी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाता। पूर्व सरपंच प्रमोद सलाम ने कहा कि “जब तक किसानों के खेतों से मिट्टी एवं अन्य सामग्री नहीं हटाई जाती, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित नहीं किया जाता, छोटेडोंगर माइंस की ट्रकों का संचालन निर्धारित मार्ग से नहीं कराया जाता तथा चालकों की नशा जांच अनिवार्य नहीं की जाती, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा। यदि प्रशासन शीघ्र कार्यावाही नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।” ग्राम गायता शोभाराम गावड़े ने कहा कि “किसानों के खेतों से ठेकेदार मिट्टी और अन्य सामग्री नहीं हटा रहा है तथा सड़क से उड़ रही धूल के कारण ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है, इसलिए हमें तीसरी बार चक्काजाम करना पड़ रहा है। जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहेगा।”

प्रशासन के आदेशों की भी अनदेखी
मामला इतना गंभीर है कि पहले भी धूल के कारण पानी न छिड़कने पर ग्रामीण 3 बार चक्काजाम कर चुके हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत केंद्रीय पर्यावरण विभाग से भी की थी। इसके बाद जगदलपुर की पर्यावरण टीम ने अंतागढ़-नारायणपुर सड़क का निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर धूल उत्सर्जन की पुष्टि हुई।

टीम ने कांकेर कलेक्टर, जिला चिकित्सा अधिकारी और पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराने और सड़क पर पानी छिड़कने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, धरातल पर इन आदेशों का कोई असर नहीं दिखा, जिससे ठेकेदार की मनमानी बदस्तूर जारी है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
अंतागढ़ से नारायणपुर तक की 47 किमी लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से विवादों में है। ठेकेदार की लापरवाही के चलते आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मलबे को खेतों से नहीं हटाया गया और धूल नियंत्रण के कड़े उपाय नहीं किए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।