अंतागढ़ में ‘इस्तीफा’ या ‘बड़ा धोखा’? सरपंचों ने लगाया कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, मामला गरमाया..

अंतागढ़। विकासखंड अंतागढ़ में सरपंचों के सामूहिक इस्तीफे के बीच अब नया विवाद सामने आ गया है। सरपंचों की ओर से लगाए गए आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। मिडिया के सामने कुछ सरपंचों ने दावा किया कि उनसे “इस्तीफे” के नाम पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए थे, जबकि उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।

मिडिया के सामने बयान देते सरपंच
मिडिया के सामने आए बयानों के अनुसार कुछ सरपंचों ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान हस्ताक्षर लिए गए, लेकिन बाद में उन्हीं दस्तावेजों को इस्तीफे के रूप में प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई। इस खुलासे के बाद सरपंच संघ के आंदोलन और सामूहिक इस्तीफे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

धरना स्थल…
कुछ सरपंचों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों और आंदोलन के समर्थन में हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में उन्हें इस्तीफे से जोड़कर पेश किया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ प्रतिनिधियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सभी निर्णय आपसी सहमति और बैठक में चर्चा के बाद लिए गए थे।

संघ के द्वारा तहसीलदार को सामूहिक स्तीफा सौंपते
गौरतलब है कि अंतागढ़ में पिछले दिनों 56 ग्राम पंचायतों के सरपंच विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और धरने पर बैठे थे तथा सामूहिक इस्तीफे की घोषणा भी की गई थी। अब कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने के आरोपों के बाद मामला और अधिक विवादित होता नजर आ रहा है। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरपंच संघ और संबंधित पक्ष इस विवाद पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हैं।

