अंतागढ़ को जिला बनाने हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ, पहले ही दिन एक हजार से अधिक लोगों ने दिया समर्थन
इस बार युवाओं ने संभाला आंदोलन की बागडोर , कहा— जिला बनने से क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
अंतागढ़ को जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के युवाओं एवं नागरिकों द्वारा मंगलवार से जिला निर्माण के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले ही दिन नगर के राजीव गांधी चौक (नयापारा) में आयोजित कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर अंतागढ़ को जिला बनाए जाने की मांग का समर्थन किया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, व्यापारियों, महिलाओं, किसानों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से क्षेत्रवासी विभिन्न मंचों के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाते रहे हैं। इस मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम, रैली और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन भी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके अब तक मांग पूरी नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में निराशा है। इसी को देखते हुए युवाओं ने एक बार फिर जनसमर्थन जुटाने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एकत्र कर ज्ञापन के माध्यम से राज्य शासन को सौंपा जाएगा, ताकि अंतागढ़ को जिला घोषित करने की मांग को मजबूती से रखा जा सके।

क्षेत्रवासियों का मानना है कि अंतागढ़ जिला बनने से स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी। वर्तमान में अनेक शासकीय कार्यों के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। जिला बनने के बाद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रमुख विभागों के कार्यालय स्थापित होने से आम नागरिकों को प्रमाण पत्र, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जिला बनने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावना बढ़ेगी। नए शासकीय कार्यालय खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। व्यापार और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। आंदोलन में शामिल युवाओं ने कहा कि अंतागढ़ भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और बड़ी आबादी लंबे समय से जिला मुख्यालय की सुविधाओं से वंचित है। यदि अंतागढ़ को जिला बनाया जाता है तो दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों को प्रशासन तक पहुंच आसान होगी, योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा तथा शासन और जनता के बीच समन्वय मजबूत होगा। हस्ताक्षर अभियान के दौरान आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह जनहित से जुड़ा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अभियान है और क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक से इसमें सहभागी बनने की अपील की गई है। उनका कहना है कि जब तक अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक जनजागरण और जनसमर्थन जुटाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

