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पीएम श्री स्कूल अंतागढ़ के 300 छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना,

विधानसभा से लेकर जंगल सफारी तक सीखेंगे ज्ञान के नए आयाम

अंतागढ़।
पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंतागढ़ में अध्ययनरत कक्षा 7वीं से 10वीं तक के लगभग 300 छात्र-छात्राओं को 25 शिक्षकों एवं स्कूल स्टाफ के साथ बुधवार सुबह 7 बजे पांच यात्री बसों के माध्यम से राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बंटी राजपूत उपाध्यक्ष विश्राम सिंह गावड़े सदस्य हरिशंकर नेताम सहित समिति के अन्य सदस्य गणों द्वारा हरि झंठा दिखाकर पालकों की मौजूदगी में रवाना किया गया। इस दौरान बच्चों में भ्रमण को लेकर विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली।

इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ विधानसभा, साइंस सेंटर, आदिवासी संग्रहालय तथा नंदनवन जंगल सफारी का भ्रमण कराया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे अपने आसपास की व्यवस्थाओं, विज्ञान, संस्कृति और जैव विविधता को निकट से समझ सकें। ग्रामीण अंचलों से आने वाले अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण जीवन का एक नया अनुभव होगा। विधानसभा का भ्रमण करने से बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून निर्माण की प्रक्रिया तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी। साइंस सेंटर में विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, आधुनिक तकनीक, प्रयोग एवं विज्ञान से जुड़े रोचक प्रदर्शन बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करेंगे। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी तथा विज्ञान विषय को सरल और व्यवहारिक रूप में समझने में सहायता मिलेगी आदिवासी संग्रहालय का भ्रमण विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, इतिहास, कला, वेशभूषा, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराएगा। इससे बच्चों में अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति गर्व की भावना विकसित होगी तथा प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। वहीं जंगल सफारी में विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण में निकट से देखने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। किताबों में पढ़े गए अनेक पशु-पक्षियों को प्रत्यक्ष देखने का अनुभव बच्चों के लिए यादगार और ज्ञानवर्धक साबित होगा।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह यात्रा बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सीखने, समझने और नए अनुभव प्राप्त करने का एक सशक्त अवसर है, जो उनके भविष्य के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।