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शाला प्रवेश उत्सव के दौरान भारी हंगामा, सांसद और विधायक को दिखाए काले झंडे

कोयलीबेड़ा। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया, जब क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे कांकेर के लोकसभा सांसद भोजराज नाग और अंतगढ़ विधानसभा के विधायक विक्रम देव उसेंडी को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उग्र ग्रामीणों ने दोनों ही नेताओं को काले झंडे दिखाए और जमकर नारेबाजी की।


18 गांवों के ग्रामीणों में भारी आक्रोश मिली जानकारी के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में कोयलीबेड़ा इलाके के लगभग 18 गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर पहुंचे थे। जैसे ही ग्रामीणों को भनक लगी कि सांसद भोजराज नाग और विधायक विक्रम देव उसेंडी शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे हैं, बड़ी संख्या में लोग काले झंडे लेकर सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के वाहनों को घेर लिया और “मुर्दाबाद” व “वापस जाओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए। बहरहाल नाराज ग्रामीणों को कांग्रेसी बताया जा रहा है


नाराजगी की मुख्य वजह: कार्यशैली से असंतोष बताया जा रहा है कि ग्रामीण लंबे समय से सांसद और विधायक की कार्यशैली से नाराज हैं। क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में कुछ दिनों पहले भी ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे-5 पर चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा इस कार्यक्रम के दौरान फूट पड़ा।

सुरक्षाकर्मियों को करनी पड़ी मशक्कत, नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल को स्थिति को संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को नेताओं के वाहनों के सामने से हटाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम और तीखे विरोध के बाद भी अभी तक सांसद भोजराज नाग या विधायक विक्रम देव उसेंडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बहरहाल, ग्रामीणों के इस उग्र रूप ने क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।