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अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात: 3 सरकारी अस्पतालों में 7 डॉक्टरों की हुई नियुक्ति, महिला चिकित्सकों की मांग भी पूरी

अंतागढ़ / रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राज्य भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में संविदा चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। इस कड़ी में अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्र के तीन सरकारी अस्पतालों में कुल 07 नए डॉक्टरों की पदस्थापना की गई है। मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी आदेश के अनुसार, इन एम.बी.बी.एस. उत्तीर्ण अनुबंधित चिकित्सक छात्र-छात्राओं को 02 वर्ष की संविदा सेवा के लिए अस्थाई रूप से नियुक्त किया गया है।

विधायक विक्रम उसेंडी के प्रयास लाए रंग

क्षेत्र के ग्रामीणों व आम जनता ने लंबे समय से अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक विक्रम उसेंडी को अवगत कराया था। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विशेष रूप से महिला चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग प्रमुखता से उठाई थी। जनता की इस मांग और समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक विक्रम उसेंडी ने शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए, जिसके फलस्वरूप अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र को एक साथ 7 डॉक्टर मिले हैं। जिसमें अंतागढ़ सीएचसी में एक साथ दो महिला चिकित्सक रचना कौड़ो एवं हर्षिका मरकाम की नियुक्ति हुई है।

अस्पतालों के अनुसार डॉक्टरों का आबंटन:

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूची के तहत अंतागढ़ विधानसभा के अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती इस प्रकार की गई है:

कोयलीबेड़ा में 02
राहुल बरई
अन्नू राम

अंतागढ़ में 02
रचना कौड़ो
हर्षिका मरकाम

पखांजूर सिविल अस्पताल में 03
नीतू मरकाम
हर्षवर्धन साहू
अवल किशोर बसंत

क्षेत्र में हर्ष का माहौल

अंतागढ़ में महिला चिकित्सक की मांग बरसों से था अस्पताल में एक साथ 2 महिला चिकित्सकों की नियुक्ति से क्षेत्र में हर्ष का महौल है अंचल के स्वास्थ्य ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब दूर-दराज के ग्रामीणों और विशेषकर महिला मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए क्षेत्र की जनता ने विधायक विक्रम उसेंडी एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश

शासकीय आदेश के अनुसार, नियुक्त किए गए सभी संविदा डॉक्टरों को आदेश जारी होने के उपरांत 15 दिनों के भीतर अपने निर्धारित पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। सभी चिकित्सकों को अपने पदस्थापना स्थल को ही मुख्यालय बनाकर निवास करना अनिवार्य किया गया है।