अंतागढ़: नगर में सुव्यवस्थित चौपाटी की दरकार, सड़क किनारे लग रहे ठेलों से बढ़ रही अव्यवस्था, हादसे की आशंका
अंतागढ़। नगरवासियों ने नगर में एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक चौपाटी विकसित करने की मांग उठाई है।दरअसल नगर के प्रमुख चौक-चौराहों पर शाम होते ही बड़ी संख्या में ठेले और गुमटियां लग जाती हैं। इससे सड़क किनारे ग्राहकों के वाहनों की जमावड़ा लग जाती जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है।

कई बार वाहन चालकों और राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे खाद्य पदार्थों की दुकानें लगने से तेज रफ्तार वाहनों के उड़ने वाली धूल सीधे खाने-पीने की सामग्री पर जम जाती है, जिससे खाद्य पदार्थ दूषित होने का खतरा बना रहता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हाई स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों की छुट्टी के बाद शाम के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व क्षेत्र के ग्रामीण इन दुकानों पर पहुंचते हैं। इस दौरान सड़क पर भीड़ बढ़ने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। कई बार वाहन चालकों को भीड़ के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।


नगर के वार्ड क्रमांक 6 स्थित हाई स्कूल रोड के किनारे चौपाटी निर्माण के लिए है प्रस्तावित स्थल
इस समस्या के समाधान के रूप में वार्ड क्रमांक 6 स्थित हाई स्कूल रोड के किनारे सांई मंदिर के सामने चौपाटी निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल है यदि नगर पंचायत एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि गंभीर पहल करें तो यहां एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक चौपाटी विकसित की जा सकती है। इससे सभी ठेला एवं फास्ट फूड विक्रेताओं को एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से व्यवसाय करने की सुविधा मिलेगी और मुख्य सड़कों पर लगने वाली अव्यवस्था से भी निजात मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि चौपाटी बनने से नगरवासियों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्वच्छ वातावरण, पार्किंग व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं। इससे छोटे व्यापारियों को भी स्थायी रोजगार का बेहतर अवसर मिलेगा और नगर की सुंदरता एवं यातायात व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। नगरवासियों का कहना है कि यदि नगर पंचायत दूरदर्शिता के साथ इस प्रस्ताव पर अमल करे तो अंतागढ़ को एक बेहतर फूड जोन के साथ-साथ सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था भी मिल सकती है। इससे न केवल सड़कों पर लगने वाली भीड़ कम होगी, बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आमजन की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

