रक्साहाड़ा जलप्रपात के समीप स्थापित किया गया भगवान भोलेनाथ का छायाचित्र, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लिया संकल्प

अंतागढ़। मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर प्राकृतिक सुंदरता से घिरा रक्साहाड़ा जलप्रपात अपने मनमोहक सुंदरता के लिए जाना जाता है। अब इस प्राकृतिक स्थल को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान दिलाने की पहल शुरू की गई है। नवरात्रि के पावन अवसर पर झरने के समीप ग्राम गायता, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आदि देव भगवान भोलेनाथ के छायाचित्र की स्थापना की गई।

सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्राप्त इस ग्रामसभा के ग्रामीणों ने आयोजन के दौरान संकल्प लिया कि खड़गांव के प्राकृतिक जलप्रपात को भविष्य में विकासखंड ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में विशेष पहचान दिलाने वाले पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करते हुए इस स्थल को आकर्षण का केंद्र बनाना है।

इस पहल में सहभागी समाजसेवी संस्था के कार्यकर्ताओं ने भी ग्रामीणों के साथ सहभागिता निभाई और श्रमदान किया। सामूहिक प्रयासों से ग्रामीणों ने प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण तथा स्थल के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। ग्रामीणों का मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से इस स्थल का विकास होने पर खड़गांव को नई पहचान मिल सकती है। साथ ही, यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामसभा की यह पहल स्थानीय सहभागिता के माध्यम से प्रकृति, संस्कृति और धार्मिक आस्था को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।

