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अंतागढ़ विधानसभा को मिली बड़ी सौगात, 9 नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति

राज्य में 21 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने को मंजूरी, अंतागढ़ क्षेत्र के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

अंतागढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश में 21 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। इनमें से 9 नए धान उपार्जन केंद्र कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों की स्वीकृति को क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।खाद्य विभाग के मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से 13 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक विक्रम उसेंडी के प्रयासों से इन नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति मिली है। नए केंद्रों के खुलने से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

अंतागढ़ क्षेत्र में इन 9 केंद्रों को मिली मंजूरी

शासन के आदेश में अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए निम्नलिखित नवीन धान उपार्जन केंद्रों का उल्लेख है—

  1. कलेपरस — विकासखंड अंतागढ़
  2. नागरबेड़ा — विकासखंड अंतागढ़
  3. पानीडोबीर — विकासखंड कोयलीबेड़ा
  4. मन्हकाल — विकासखंड कोयलीबेड़ा
  5. किसकोडो (बंडापाल) — विकासखंड अंतागढ़
  6. प्रेमनगर — विकासखंड कोयलीबेड़ा
  7. ईरकबुट्टा — विकासखंड कोयलीबेड़ा
  8. स्वरूप नगर — विकासखंड कोयलीबेड़ा
  9. मेहड़ा — विकासखंड कोयलीबेड़ा

किसानों को मिलेगी सुविधा

नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी। खासकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के किसानों को वर्तमान में धान बेचने के लिए जिन उपार्जन केंद्रों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, उसमें कमी आने की संभावना है। इससे समय, परिवहन खर्च और मेहनत की बचत होगी तथा किसानों को अपनी उपज का समर्थन मूल्य प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी।शासन के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नवीन धान उपार्जन केंद्रों के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहां पर्याप्त समतल एवं ऊंची भूमि उपलब्ध हो। नीची अथवा गड्ढे वाली भूमि का चयन नहीं किया जाए। साथ ही धान की सुरक्षित खरीदी एवं रखरखाव के लिए केंद्रों पर पर्याप्त स्पेस उपलब्ध होना भी आवश्यक बताया गया है।

विधायक के अथक प्रयास से मिली स्वीकृति

अंतागढ़ विधानसभा के अंतर्गत एक साथ 9 नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति को क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विधायक विक्रम उसेंडी के प्रयासों से स्वीकृत इन केंद्रों के प्रारंभ होने के बाद क्षेत्र के अधिक किसानों को अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में ही धान विक्रय की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।

एक नजर में:
प्रदेश में स्वीकृत नए केंद्र — 21
कांकेर जिले में — 9
अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में — 9
आदेश जारी — 13 सितंबर 2026
खरीफ विपणन वर्ष — 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्ष