क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, किसानों ने कृषि ऋण माफ करने सौंपा ज्ञापन
अंतागढ़। क्षेत्र में अल्पवर्षा एवं अनियमित मानसून के चलते खरीफ फसल को हुए नुकसान को लेकर ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम अंतागढ़ को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर सूखा राहत प्रदान करने तथा किसानों के कृषि ऋण माफ करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि धान उपार्जन केंद्र केरकाघाट के अंतर्गत आने वाले 14 ग्रामों में इस वर्ष अल्पवर्षा एवं अनियमित मानसून के कारण किसानों की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में कीट एवं रोग का प्रकोप भी हुआ, जिसके चलते बड़ी मात्रा में फसल खराब हो गई है। ज्ञापन के अनुसार ग्राम पंचायत अमोड़ी, मण्डानार, जेठेगांव एवं कानागांव सहित आसपास के गांवों में किसानों की करीब 70 से 80 प्रतिशत फसल खराब होने की स्थिति बताई गई है।किसानों का कहना है कि फसल खराब होने के कारण वे इस वर्ष कृषि ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में शासन द्वारा राहत नहीं दिए जाने पर किसानों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, किसानों को उचित सूखा राहत प्रदान की जाए तथा वर्ष 2026 का कृषि ऋण माफ किया जाए। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, लोकसभा क्षेत्र के सांसद, अंतागढ़ विधायक तथा कलेक्टर उत्तर बस्तर कांकेर को भी भेजी गई है।
