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हेमराज की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, एक लाख के मुआवजे को बताया आदिवासी परिवार का अपमान

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव पहुंचे फुलपाड़, बीएसपी प्रबंधन से स्थायी नौकरी और सुविधायुक्त अस्पताल की मांग

अंतागढ़। रावघाट माइंस प्रभावित क्षेत्र के ग्राम फुलपाड़ में 12 वर्षीय छात्र हेमराज कुमेटी की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बसंत यादव शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के दल-बल के साथ फुलपाड़ पहुंचे और शोकाकुल कुमेटी परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने घटना को लेकर बीएसपी प्रबंधन की स्वास्थ्य सुविधाओं और कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए। बताया गया कि 28 अगस्त को कक्षा 7वीं में अध्ययनरत 12 वर्षीय हेमराज कुमेटी की तबीयत बिगड़ने के बाद दण्डकवन अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। हेमराज अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और परिवार का इकलौता चिराग था। उसकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने घटना की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खनन परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना बीएसपी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि क्षेत्र में समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो ऐसी घटनाओं को रोकने की संभावना रहती।

एक लाख रुपये का चेक थमाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने बीएसपी प्रबंधन द्वारा पीड़ित परिवार को दिए गए एक लाख रुपये के चेक को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि एक बच्चे की असमय मौत के बाद उसके परिवार को महज एक लाख रुपये का चेक देना संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने इसे आदिवासी परिवार का घोर अपमान बताते हुए कहा कि किसी बच्चे की जिंदगी की कीमत धनराशि से नहीं आंकी जा सकती।उन्होंने कहा कि हेमराज अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार ने अपना भविष्य खो दिया है। ऐसे में महज एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिवार के दर्द और नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती।

पीड़ित परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग

कांग्रेस ने बीएसपी प्रबंधन से मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को तत्काल स्थायी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि परिवार को भविष्य में आर्थिक सहारा मिल सके। इसके साथ ही परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा बच्चों की शिक्षा एवं परिवार के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई।

रावघाट क्षेत्र में बड़े अस्पताल की मांग

कांग्रेस नेताओं ने रावघाट माइंस प्रभावित क्षेत्र में सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से लैस एक बड़ा अस्पताल स्थापित करने की मांग की। उनका कहना था कि रावघाट क्षेत्र में खनन गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आदिवासी परिवार इसके प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में गंभीर बीमारियों और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।बसंत यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए। गंभीर स्थिति में मरीजों को दूर के अस्पतालों में ले जाने के दौरान समय की बर्बादी होती है, जिसका खामियाजा कई बार मरीज और उनके परिवार को भुगतना पड़ता है।

‘खनन के नाम पर आदिवासियों को मौत और धूल मिल रही’

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रावघाट क्षेत्र में खनन से होने वाले लाभ का समुचित फायदा स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और रोजगार के नाम पर आदिवासी क्षेत्रों में खनन गतिविधियां तो बढ़ रही हैं, लेकिन ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं।बसंत यादव ने कहा कि “खनन के नाम पर आदिवासियों को सिर्फ मौत और धूल मिल रही है। यदि क्षेत्र से खनिज निकाला जा रहा है तो यहां के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का अधिकार मिलना चाहिए।” उन्होंने बीएसपी प्रबंधन से हेमराज की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने, पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने तथा रावघाट क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी इस मुद्दे को आगे भी प्रमुखता से उठाएगी।