ड्राइवर दिवस पर निकली रैली, स्थानीय ड्राइवरों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग
अंतागढ़। 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ द्वारा अंतागढ़ नगर में रैली निकालकर ड्राइवरों की समस्याओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन के समक्ष रखा गया। रैली के माध्यम से संघ ने क्षेत्र में संचालित एवं प्रस्तावित खनन गतिविधियों में स्थानीय नागरिकों और कुशल ड्राइवरों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई। ड्राइवर संघ ने शासन-प्रशासन से मांग कर कहा है कि क्षेत्र में कई सारे कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा रावघाट माइंस में कार्य किया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों को रोजगार का प्राथमिक अवसर मिलना चाहिए, ताकि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोगों को अपने ही क्षेत्र में आजीविका का साधन उपलब्ध हो सके।

आज कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा कि जिला कांकेर में कुशल ड्राइवरों की कमी नहीं है और न ही मजदूरों की कमी है। इसके बावजूद यदि कंपनियों में स्थानीय स्तर पर कार्य करने योग्य लोगों की व्यवस्था नहीं हो पाती है और अन्य राज्यों से कर्मचारियों को लाकर यहां काम कराया जाता है, तो यह स्थानीय युवाओं के हित में नहीं होगा।संघ ने मांग की है कि रावघाट माइंस सहित क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों में स्थानीय ड्राइवरों एवं मजदूरों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। संघ का कहना है कि यदि कंपनी में कार्य करने योग्य स्थानीय लोगों की उपलब्धता है तो बाहर के राज्यों से कर्मचारियों को लाकर यहां कार्य करवाना उचित नहीं होगा। ड्राइवर संघ ने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि क्षेत्रवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में आवश्यक आदेश जारी किए जाएं, ताकि स्थानीय ड्राइवरों और मजदूरों को रोजगार का लाभ मिल सके।

ड्राइवर दिवस पर आयोजित रैली के दौरान संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और शासन-प्रशासन से स्थानीय लोगों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। संघ ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार का लाभ मिलना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

