नाबालिग छात्रा से आपत्तिजनक चैट का आरोप, अतिथि शिक्षक गिरफ्तार
परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर अनुचित बातचीत करने का आरोप, लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों के आचरण को लेकर खड़े कर दिए गंभीर सवाल
बांदे। अंतागढ़ के पोड़गांव हाईस्कूल के बाद अब जिले के बांदे थाना क्षेत्र स्थित शासकीय हाईस्कूल मरोड़ा से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक अतिथि शिक्षक पर नाबालिग छात्रा को परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से आपत्तिजनक बातचीत करने और अनुचित तरीके से परेशान करने का आरोप लगा है। छात्रा की शिकायत के बाद बांदे पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी अतिथि शिक्षक आशीष मंडल वर्ष 2016 से स्कूल में पदस्थ बताया जा रहा है। आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा से पढ़ाई को लेकर बातचीत करते हुए उसे कमजोर बताते हुए परीक्षा में फेल होने की बात कही। इस पर छात्रा ने परीक्षा में पास होने को लेकर शिक्षक से जानकारी मांगी। आरोप है कि इसके बाद शिक्षक ने व्हाट्सऐप चैट के जरिए छात्रा से अनुचित बातचीत शुरू कर दी और कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री भी भेजी।बताया जा रहा है कि शिक्षक और छात्रा के बीच यह कथित चैटिंग 16 अगस्त से शुरू हुई थी। शिक्षक की बातचीत और गतिविधियों से परेशान छात्रा ने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल बांदे थाना पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। छात्रा की ओर से दी गई जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले
गौरतलब है कि जिले में नाबालिग छात्राओं से शिक्षकों के कथित अनुचित व्यवहार का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले अंतागढ़ थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां भी एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से कथित तौर पर अश्लील बातचीत करने का आरोप लगा था। उस मामले में भी पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ने वाली नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन को अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। साथ ही, ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर तत्काल निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
नोट: नाबालिग छात्रा की पहचान कानूनन संरक्षित होने के कारण उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

