विद्युत दर वृद्धि वापस लेने की मांग, शिवसेना ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अंतागढ़। प्रदेश में बढ़ाई गई विद्युत दर को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर शिवसेना (उद्धव बाला ठाकरे) ने शुक्रवार को एसडीएम अंतागढ़ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। शिवसेना ने विद्युत दर में की गई वृद्धि को आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

शिवसेना पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित विभिन्न आवश्यकताओं के बढ़ते खर्च के बीच बिजली की दरों में वृद्धि किए जाने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। बिजली का बिल हर परिवार के मासिक बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में दर वृद्धि का सीधा असर गरीब, मध्यमवर्गीय और मजदूर वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।शिवसेना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा विद्युत दरों में भारी वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाला गया है। संगठन का कहना है कि एक ओर लोग लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली की दरों में वृद्धि से घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। ज्ञापन में शिवसेना ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई विद्युत दर को तत्काल वापस लिया जाए। संगठन ने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने की दिशा में कदम उठाना चाहिए, न कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा की लागत बढ़ाकर लोगों की परेशानी बढ़ानी चाहिए। शिवसेना ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत दर वृद्धि वापस नहीं ली गई तो संगठन आम जनता के हित में आगे भी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने सरकार से जनहित में तत्काल निर्णय लेते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की है।

