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आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेपरस में किया चक्काजाम

12 टन क्षमता की सड़क पर 60 टन के भारी वाहनों के संचालन का विरोध, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने का आरोप

कलेपरस। गांव की सड़क पर क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क और पुल के क्षतिग्रस्त होने से नाराज ग्रामीणों ने कलेपरस में चक्काजाम कर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क भारी वाहनों के आवागमन के लिए बनाई ही नहीं गई है, इसके बावजूद बड़े और भारी वाहन लगातार इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सड़क की हालत खराब होने के साथ ही पुल को भी नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क की निर्धारित क्षमता करीब 12 टन है, जबकि इस मार्ग से करीब 60 टन वजन तक के भारी वाहनों का आवागमन किया जा रहा है। क्षमता से कई गुना अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और पुल पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में सड़क और पुल को और गंभीर नुकसान हो सकता है।

गांव की सड़क को भारी वाहनों से बचाने की मांग

चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध आम लोगों की आवश्यक सेवाओं से नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को आवागमन की अनुमति दी जाएगी, ताकि मरीजों, बच्चों और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। उनका कहना है कि उनका मुख्य विरोध उन भारी वाहनों से है, जिनके कारण गांव की सड़क की स्थिति लगातार खराब हो रही है।

कलेपरस के सरपंच बलदेव ने कहा कि गांव की सड़क भारी वाहनों के लिए नहीं बनाई गई है। सड़क की क्षमता करीब 12 टन है, जबकि करीब 60 टन वजन वाले वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं। ऐसे भारी वाहनों के संचालन से सड़क और पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे दोनों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति बन रही है।

वहीं ग्रामीण जीवन वट्टी ने कहा कि भारी वाहनों को मुख्य सड़क का इस्तेमाल करना चाहिए। गांव की सड़क का उपयोग भारी वाहनों के लिए किए जाने से सड़क तेजी से खराब हो रही है और इसका सीधा नुकसान ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की मांग—मुख्य मार्ग से चलें भारी वाहन

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित मुख्य मार्ग का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए तथा कलेपरस की ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क और पुल की स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे भविष्य में ग्रामीणों के आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।चक्काजाम के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए सड़क की सुरक्षा और गांव के सुरक्षित आवागमन के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।