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रावघाट रेल लाइन पर दौड़ी यात्री ट्रेन, बस्तर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रायपुर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी, रावघाट स्टेशन पर सांसद भोजराज नाग व विधायक विक्रम देव उसेंडी रहे मौजूद

अंतागढ़/रावघाट। कांकेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित अंतागढ़ से आगे आबूझमाड़ के प्रवेश द्वार तक पहुंच चुकी बहुप्रतीक्षित रावघाट रेल लाइन पर यात्री ट्रेन सेवा की शुरुआत के साथ ही बस्तर अंचल में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को रावघाट से रायपुर के बीच यात्री रेल सेवा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से कार्यक्रम में सहभागिता की। रावघाट रेलवे स्टेशन पर मौजूद सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया गया। इस नई यात्री रेल सेवा की शुरुआत से नारायणपुर, रावघाट और अंतागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रवासियों को अब आवागमन के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। रेल सेवा का विस्तार इस आदिवासी एवं दूरस्थ अंचल को प्रदेश की राजधानी रायपुर से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को मिलेगा लाभ

रावघाट से रायपुर के बीच यात्री ट्रेन शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार की तलाश में रायपुर सहित अन्य शहरों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए रेल सेवा सुविधाजनक साबित हो सकती है। अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को रेल परिवहन का विकल्प मिलने से यात्रा की योजना बनाना आसान होगा। ट्रेन के माध्यम से आवागमन बढ़ने से स्थानीय व्यापार, बाजार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। इससे क्षेत्र के छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है।

दूरस्थ आदिवासी अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

रावघाट रेल लाइन को केवल परिवहन सुविधा के रूप में ही नहीं, बल्कि बस्तर अंचल के सामाजिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांकेर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों की राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है।रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक लाभ ट्रेन के नियमित संचालन, समय-सारिणी, किराये और यात्रियों को उपलब्ध सुविधाओं पर भी निर्भर करेगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं रेलवे के अधिकारी की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान रावघाट रेलवे स्टेशन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि रेलवे के अधिकारी स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सांसद भोजराज नाग और विधायक विक्रम देव उसेंडी की उपस्थिति में यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। दिल्ली और रायपुर से जुड़े कार्यक्रम के माध्यम से रेल सेवा के शुभारंभ ने क्षेत्र में रेल सुविधा के विस्तार को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। रावघाट तक यात्री ट्रेन का संचालन शुरू होना कांकेर और आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में रेल सुविधाओं का और विस्तार होगा, जिससे बस्तर के दूरस्थ गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी।