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अंतागढ़ में पहली बार छत्तीसगढ़ी गरबा महोत्सव, माता की भक्ति में झूम रहे श्रद्धालु

आकर्षक पंडाल और रंग-बिरंगी रोशनी ने बढ़ाई उत्सव की रौनक, महिलाओं, युवतियों और बच्चों में दिख रहा भारी उत्साह

शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए भक्तगण

अंतागढ़। नगर में पहली बार नंदी चौक के पास बिजली ऑफिस से कुहचे मोड़ रेलवे स्टेशन रोड के किनारे नौ दिवसीय गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सार्वजनिक रूप से आयोजित इस गरबा उत्सव को लेकर नगरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आकर्षक पंडाल, रंग-बिरंगी रोशनी और मनमोहक सजावट ने आयोजन स्थल की रौनक बढ़ा दी है। शाम होते ही यहां श्रद्धालुओं और गरबा प्रेमियों की भीड़ जुटने लगती है।

इस महोत्सव में नगर की महिलाओं, युवतियों और बच्चों के साथ-साथ अंतागढ़ से लगे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियां भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। शाम सात बजे से रात 12 बजे तक डीजे की धुन पर गरबा और नृत्य का सिलसिला चलता है। पारंपरिक उत्साह और भक्तिमय संगीत के बीच पूरा वातावरण माता की भक्ति में रंगा नजर आता है। गरबा में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता है। आयोजन स्थल पर की गई आकर्षक साज-सज्जा और विद्युत रोशनी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। परिवार के साथ पहुंच रहे लोग भी इस आयोजन का आनंद ले रहे हैं। नगर में पहली बार सार्वजनिक स्तर पर इस तरह के गरबा महोत्सव के आयोजन से स्थानीय लोगों को सामूहिक रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव मनाने का अवसर मिल रहा है।

आयोजनकर्ताओं में खुशी, लोगों से सहभागिता की अपील

आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पहली बार सार्वजनिक रूप से गरबा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है और इसे नगरवासियों सहित आसपास के ग्रामीणों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। लोगों की भागीदारी और उत्साह से आयोजन समिति में खुशी का माहौल है। समिति ने नगर के सभी वार्डों के उत्साही युवक-युवतियों, महिलाओं और पुरुषों से इस महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।आयोजनकर्ताओं ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि नगर के प्रत्येक वार्ड से 10 से 15 लोगों की टोली बनाकर गरबा महोत्सव में सहभागिता करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। आयोजकों का उद्देश्य नगरवासियों और आसपास के ग्रामीणों को एक मंच पर जोड़ते हुए माता की आराधना, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक उत्साह को बढ़ावा देना है।