नव चेतना बाल मेले में बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास पर दिया गया जोर
प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त सौजन्य से हुआ आयोजन, 50 पालकों ने लिया हिस्सा
अंतागढ़। प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन एवं महिला बाल विकास विभाग के सौजन्य से समुदायिक भवन में नव चेतना बाल मेला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विशेष रूप से 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया। इसमें बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास, भाषा विकास, सामाजिक और भावनात्मक विकास, टीकाकरण तथा पोषण आहार के महत्व की जानकारी दी गई। बाल मेले में बच्चों की उम्र के अनुसार विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके सीखने और समझने की क्षमता को विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही ‘हाथों का कमाल’, माताओं का सहायता केंद्र, खेल जगत तथा अन्य गतिविधियों के जरिए पालकों को बच्चों के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित पालकों को बताया गया कि जीवन के शुरुआती तीन वर्ष बच्चों के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान बच्चों को उचित पोषण, समय पर टीकाकरण, परिवार का स्नेह और खेल-खेल में सीखने के अवसर देना आवश्यक है। बच्चों के साथ घर पर नियमित रूप से उम्र के अनुरूप गतिविधियां कराने की समझाइश भी दी गई, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक, भाषाई एवं सामाजिक विकास बेहतर ढंग से हो सके। कार्यक्रम में बच्चों के साथ लगभग 50 पालक उपस्थित रहे। अतिथि के रूप में पार्षद सीमा ठाकुर, पार्षद हेमलाल देहारी, महिला मोर्चा अध्यक्ष चंद्रकला कौशल, उपाध्यक्ष साधना निषाद, महामंत्री बिमला बघेल एवं एल्डरमैन कुमारी साहू शामिल हुए।

इस अवसर पर प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के ब्लॉक समन्वयक मधु निषाद, परियोजना अधिकारी जोगेश्वर पोर्ते, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा पांच सेक्टरों के सुपरवाइजर अनिता उके, खेमलता उईके, खिलेश्वरी जैन, शिव कुमारी और केशर टांडिया सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों की देखभाल, पोषण और सीखने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा घर में नियमित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना रहा।

