116 गायों को सुरक्षित गौठान पहुंचाकर लौटे गौसेवक, अंतागढ़ में हुआ सम्मान
अंतागढ़/कोयलीबेड़ा। विगत दिनों कोयलीबेड़ा क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा करीब 8 से 10 संदिग्ध गौ तस्करों के कब्जे से 116 गायों को पकड़े जाने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेदारी गौसेवकों ने निभाई। ग्रामीणों द्वारा पकड़ी गई इन गायों को गौसेवकों की देखरेख में सुरक्षित गौठान तक पहुंचाया गया।

बताया गया कि जब्त 116 गायों को गौसेवक धर्मेन्द्र पटेल, सनतराम देहारी, अतुल पटेल, योगेश सलाम एवं गोविंद सलाम के द्वारा पैदल सड़क मार्ग से ग्राम तराई घोटिया, दुर्गुकोंदल पहुंचाया गया। बीते कल सुबह सभी गौसेवक गायों को लेकर तराई घोटिया पहुंचे, जहां स्थानीय गौसेवकों की देखरेख में गायों को सुरक्षित गौठान में रखा गया। गायों को सुरक्षित पहुंचाने के बाद पांचों गौसेवक वापस कोयलीबेड़ा के लिए रवाना हुए।वापसी के दौरान जब पांचों गौसेवक अंतागढ़ पहुंचे तो स्थानीय लोगों एवं गौसेवकों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर सभी गौसेवकों को तिलक-चंदन लगाकर सम्मानित किया गया तथा मुंह मीठा कराकर उनके सेवा कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके बाद सभी को कोयलीबेड़ा के लिए ससम्मान विदा किया गया।
गौसेवकों ने बताया कि गायों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक दायित्व का कार्य है। इस पूरे अभियान में गायों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित गौठान तक पहुंचाने के दौरान कई तरह की कठिनाइयों के बावजूद गौसेवकों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस पूरे कार्य में गोकुल साहू, सहदेव सोनवानी एवं भावेश साहू का विशेष योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने गौसेवकों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पशुओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए समाज के लोगों का इसी तरह सहयोग और जागरूकता जरूरी है।

